कानपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में एक समारोह के दौरान अपने भाषण में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव और राहुल गांधी का नाम तो नहीं लिया पर इशारों-इशारों दोनों को छोटे मियां और बड़े मियां कहते हुए सियासी हमला बोला। सीएम योगी ने कहा कि इस समय देश में दो मियां है-छोटे मियां और बड़े मियां। दोनों को घुसपैठियों से प्यार है। कानपुर बिठुर में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना के बाद नाना राव पेशवा पार्क में 411 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी समारोह में उन्होंने अपने संबोधन में राहुल और अखिलेश पर निशाना साधा।
सपा और कांग्रेस ने विकास में रोड़े अटकाए
सीएम योगी ने कहा, 'भगवान राम पुष्पक विमान से लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद अयोध्या आए। हजारों वर्षों पहले भगवान राम आए थे। हजारों वर्षों तक अयोध्या में आवागमन के लिए केवल सड़क मार्ग था वह भी टूटा-फूटा था। बिजली गायब थी। सब कुछ गायब। गंदगी रहती थी। जो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संस्कार हैं गंदगी में रहने की आदत, गंदे कार्यों को करने आदत अंधेरे में डकैती डालने की जो आदत थी वही उन्होंने अयोध्या में भी किया। अयोध्या को बिजली नहीं दी। अयोध्या का विकास नहीं किया और जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अयोध्या के विकास के लिए कार्य योजना बनाई तो उन्होंने रोड़े अटकाने शुरू किए।
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में काशी में काशी विश्वनाथ धाम, जहां 17 के पहले 20 श्रद्धालु एक साथ दर्शन नहीं कर सकते थे, आज उसी काशी विश्वनाथ धाम में 20,000 श्रद्धालु एक साथ दर्शन की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। चमक गई है काशी। नए कलेवर के रूप में नई काशी आ चुकी है। प्रधानमंत्री जी ने उसकी कायाकल्प कर दी है। और अयोध्या फिर से चमक पड़ा है।
अयोध्या को फिर से त्रेता युग की ओर ले जाएंगे: सीएम योगी
अयोध्या में राम लला के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ-साथ अयोध्या को फिर से त्रेता युग की ओर ले कर के जाएंगे। मथुरा, वृंदावन फिर से नए भव्य और दिव्य रूप में, प्रयागराज भव्य और दिव्यमहाकुंभ के रूप में मां विंध्यवासिनी का कॉरिडोर हो, शुकतीर्थ हो, नैमिषारण्य का विकास हो, बिठूर का विकास हो, ये सभी तो आगे बढ़ेंगे ही। हमारी सरकार ने तय किया है बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज, भगवान महर्षि वाल्मीकि से जितने भी स्थल प्रदेश में हैं उनकी बाउंड्री वाल करना अगर ऊपर से छाजन नहीं है तो उसमें कैनोपी की व्यवस्था करके छत की व्यवस्था करना, सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था के साथ-साथ सुंदरीकरण करने के लिए ऐसे 4,000 स्थानों पर यह कार्य वर्तमान में प्रारंभ होने वाला है।
देश में दो मियां-एक छोटे मियां और दूसरे बड़े मियां
सीएम योगी ने कहा कि जो लोग दंगाइयों के यार हों, अराजकता पैदा करना और अंधेरे में रख करके डकैती डालना जिन्होंने अपने जीवन का हिस्सा बना दिया था, पहले परिवार ही प्रदेश हो गया था, यह लोग विकास क्या कराएंगे? इस समय देश के अंदर दो मियां हैं। एक छोटे मियां, एक बड़े मियां। छोटे मियां और बड़े मियां को घुसपैठियों से बड़ा प्यार है। ये बांग्लादेशी घुसपैठियों को गले लगाते हैं और दलितों का, वंचितों का, गरीबों का, अन्नदाता किसानों का, युवाओं का ये अपमान करते हैं।
सीएम योगी ने कहा समाजवादी पार्टी को भी और कांग्रेस को भी प्रदेश के अंदर लंबे समय तक शासन करने का अवसर प्राप्त हुआ। याद करिए, अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर होता था। गरीब भूख.के लिए मजबूर होता था। युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी। नौकरी के नाम पर युवाओं के हक पर डकैती डाल दी जाती थी। नारी की सुरक्षा में समाजवादी पार्टी स्वयं खतरा बनी हुई थी। उनके गुंडे जगह-जगह जाकर के व्यापारियों और गरीबों की जमीनों को कब्जा करते थे और दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास पर सम्मानित करते थे।
पुरानी घटनाओं को किया याद
याद करिए कोसी कलां का दंगा। याद करिए मथुरा के जवाहर बाग का दंगा। समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ नेता दो वर्षों से सैकड़ों एकड़ के पार्क में कब्जा और निर्माण कार्य कर देता है। उसको हटाने की बात तो दूर जब उसको हटाने के लिए मुकुल द्विवेदी एसपी और संतोष यादव थानाध्यक्ष गए, तो समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए इन गुंडों ने इन दोनों पुलिस अधिकारियों की हत्या कर दी थी। आप सोचो, जब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है, सामान्य नागरिकों के क्या हाल होते? आपने मुजफ्फरनगर का दंगा देखा होगा। लंबे समय तक पूरा का पूरा मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर, मेरठ, बुलंदशहर, पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश जलता रहा। भीषण सर्दी में लोग जहां-तहां ठिठुर करके मर रहे थे और प्रदेश में समाजवादी पार्टी के मुखिया कानों में तेल डाल करके, चादर ओढ़ करके चुपचाप अपना यहां पर नींद ले रहे थे।
अखिलेश जी आपको एक बार सत्ता ये विरासत से मिल गई थी। काठ की हंडिया बार-बार नहीं चढ़ती है। आपके कारनामों को देख करके प्रदेश की जनता आपको विदा कर चुकी है। सपना देखना बंद करिए और याद करना ये विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है लेकिन बुद्धि नहीं मिलती है, बुद्धि के लिए प्रयास करना पड़ता है, जमीन पे उतरना पड़ता है और आपकी हरकतों को देख करके मैं कह सकता हूँ कि आप गद्दी तो एक बार भले ही पा गए लेकिन अब गद्दी भी नहीं मिलने वाली है और बुद्धि तो पहले से ही नदारद थी।
इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर पाती (पत्र) लिखी है। सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। सीएम योगी ने वाल्मीकि जयंती पर सार्वजनिक अवकाश महर्षि वाल्मीकि के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया है।
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